25 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहा प्रदर्शन खत्म हो गया है. पर सोशल मीडिया पर एक तरफ जहां अफवाहों का बाजार गर्म है, दूसरी तरफ कई पोस्ट में CJP की सदस्यता दिलाने का दावा भी किया जा रहा है. पर यहां आपको सतर्क रहने की जरूरत है.
यहां सिलसिलेवार तरीके से आपको बताएंगे कि इस तरह के फिशिंग लिंक वाले स्कैम कैसे काम करते हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है.
स्कैम करने का तरीका
ट्रेंडिंग या लोकप्रिय मुद्दों का फायदा उठाना: स्कैमर्स इंटरनेट या सोशल मीडिया पर चल रहे किसी भी लोकप्रिय, वायरल या सैटायरिकल (व्यंग्यात्मक) अभियान (जैसे 'कॉकरोच जनता पार्टी') को चुनते हैं ताकि लोग आसानी से उसकी ओर आकर्षित हो सकें.
व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर मास सर्कुलेशन: आकर्षक नारों (slogans) और फर्जी दावों के साथ इन लिंक्स को व्हाट्सएप ग्रुप्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैलाया जाता है.
उत्सुकता और जल्दबाजी पैदा करना: मैसेजेस को इस तरह ड्राफ्ट किया जाता है कि यूज़र उत्सुकता या किसी आंदोलन का हिस्सा बनने के उत्साह में बिना सोचे-समझे तुरंत लिंक पर क्लिक कर दे.
फर्जी (क्लोन) वेबसाइट्स या फॉर्म्स का इस्तेमाल: लिंक पर क्लिक करते ही यूजर एक ऐसी वेबसाइट पर पहुंच जाता है जो बिल्कुल असली जैसी दिखती है, जहां उनसे 'मेंबरशिप फॉर्म' भरने या वेरिफिकेशन करने को कहा जाता है.
निजी डेटा और ओटीपी (OTP) का खतरा : फॉर्म के बहाने यूजर्स से उनकी संवेदनशील जानकारी जैसे बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड, या पर्सनल डेटा मांगा जाता है, या वेरिफिकेशन के नाम पर चालाकी से ओटीपी शेयर करवा लिया जाता है.
डिवाइस को कॉम्प्रोमाइज (हैक) करना: कुछ मामलों में, केवल लिंक पर क्लिक करने या किसी संदिग्ध फाइल को डाउनलोड करने से यूज़र के फोन में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जिससे स्कैमर्स को पूरे फोन और बैंकिंग ऐप्स का रिमोट एक्सेस मिल जाता है.
धोखाधड़ी : एक बार फोन या बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का एक्सेस मिलने के बाद, स्कैमर्स यूज़र के खाते से पैसे गायब करना शुरू कर देते हैं.
खतरे की घंटी
संवेदनशील जानकारी की मांग: कोई भी सामान्य मेंबरशिप या रजिस्ट्रेशन फॉर्म यदि आपसे आपका बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम पिन, या वित्तीय लेनदेन से जुड़ा ओटीपी (OTP) मांगने लगे.
संदिग्ध यूआरएल (URL/Link Structure): यदि लिंक का वेब एड्रेस किसी स्थापित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट जैसा न दिखकर अजीब अक्षरों, नंबरों, या गलत स्पेलिंग (जैसे go0gle या cjp-fake-link.com) से बना हो.
क्लिक करने पर फोन का असामान्य व्यवहार: यदि किसी लिंक पर क्लिक करने के तुरंत बाद आपका फोन अचानक धीमा हो जाए, बार-बार रीस्टार्ट हो, या स्क्रीन पर अजीब पॉप-अप्स आने लगें (यह मैलवेयर इंस्टॉल होने का संकेत हो सकता है.
अपुष्ट या बिना आधिकारिक घोषणा के दावे: जब सोशल मीडिया पर कोई बड़ा अभियान या स्कीम चल रही हो, लेकिन विश्वसनीय मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसके बारे में कोई पुष्टि न हो.
क्या करें ?
अनजाने लिंक्स पर क्लिक न करें: व्हाट्सएप, फेसबुक या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आए अनजान लिंक्स पर उत्सुकता या जल्दबाजी में कभी क्लिक न करें.
आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें: CJP की असली मेंबरशिप का लिंक पार्टी के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर दिया गया है. किसी भी संस्था से जुड़ने के लिए हमेशा उसकी अधिकारिक वेबसाइट पर ही जाएं.
निजी जानकारी साझा करने से बचें: अनजाने लिंक्स पर फॉर्म भरते समय अपना आधार, पैन, पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल्स या कोई भी ओटीपी (OTP) किसी के साथ शेयर न करें.
फोन और बैंकिंग सुरक्षा: स्कैमर्स ऐसे लिंक के जरिए आपके फोन का एक्सेस हासिल कर लेते हैं, जिससे आपका पर्सनल डेटा और पैसे गायब हो सकते हैं. हमेशा अपने फोन में मजबूत पासवर्ड रखें और बैंक अलर्ट्स पर नजर रखें.
(द क्विंट की स्कैमगार्ड पहल का उद्देश्य उभरते डिजिटल घोटालों के बारे में जानकारी देना है, ताकि आप सूचित और सतर्क रहें. अगर आप कभी ठगे गए हैं या आपने किसी घोटाले को सफलतापूर्वक नाकाम किया है, तो हमें अपनी कहानी बताएं. हमसे +919540511818 पर व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करें या हमें myreport@thequint.com पर ईमेल करें. आप Google फॉर्म भी भर सकते हैं और अपनी कहानी को आगे बढ़ाने में हमारी मदद कर सकते हैं. )
