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द क्विंट के विकास कुमार को मिला Journalism 40 Under 40 अवार्ड

उत्तर प्रदेश के मदरसों से जुड़ी रिपोर्ट में वैध दस्तावेज़ों वाले संस्थानों पर की गई कार्रवाई का खुलासा किया.

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एक्सचेंज4मीडिया (Exchange4Media) की ओर से सम्मान समारोह 'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40' (Journalism 40 Under 40 Awards) का आयोजन सोमवार को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (India International Centre-IIC) में किया गया. इस मौके पर देशभर के उन युवा पत्रकारों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी प्रतिभा, मेहनत और उत्कृष्ट पत्रकारिता (Journalism) के दम पर मीडिया जगत में खास पहचान बनाई है.

इस प्रतिष्ठित सम्मान से द क्विंट हिंदी (The Quint Hindi) के पूर्व एक्जीक्यूटिव एडिटर (Executive Editor) विकास कुमार को सम्मानित किया गया. यह अवार्ड क्विंट में की गई उनकी खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism), डेटा पत्रकारिता (Data Journalism) और जमीनी रिपोर्टिंग (Ground Reporting) के क्षेत्र में उनके किए कामों के लिए दिया गया.
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विकास कुमार 17 वर्षों से अधिक समय से प्रिंट (Print), टेलीविजन (Television) और डिजिटल पत्रकारिता (Digital Journalism) में सक्रिय हैं. विकास कुमार ने द क्विंट के लिए में बिहार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) पर कई विशेष खोजी रिपोर्टें की थी. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के दौरान उन्होंने निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के लगभग 90 हजार पन्नों का विश्लेषण कर अवैध घुसपैठियों (Illegal Immigrants) को लेकर किए जा रहे राजनीतिक दावों की तथ्यात्मक जांच की. उनकी रिपोर्ट में सामने आया कि SIR के जरिए किस तरह से वोट देने का अधिकार प्रभावित हो रहा है.

इसी सीरीज की एक अन्य डेटा आधारित पड़ताल (Data-driven Investigation) में उन्होंने खुलासा किया कि एक विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) से लगभग 3,000 नए मतदाताओं के नाम गायब हो गए थे. इस रिपोर्ट ने मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया (Voter Registration Process) की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए.

उन्होंने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कथित अवैध मदरसों (Illegal Madrasas) पर हुई कार्रवाई का भी एक्सक्लूसिव कवरेज किया. नेपाल सीमा से लगे जिलों में जाकर उन्होंने सरकारी रिकॉर्ड, मान्यता प्रमाणपत्र (Recognition Certificates) और प्रशासनिक दस्तावेजों की जांच की.

इस पड़ताल में सामने आया कि कई ऐसे संस्थानों पर भी कार्रवाई हुई जिनके पास वैध दस्तावेज मौजूद थे. इस रिपोर्ट ने प्रशासनिक प्रक्रिया (Due Process) पर गंभीर सवाल उठाए. बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने मामले की सुनवाई की और सील मदरसों को खोलने का आदेश दिया.

विकास कुमार ने प्रयागराज महाकुंभ (Maha Kumbh) भगदड़ (Stampede) की भी गहन पड़ताल की. पीड़ित परिवारों से बातचीत, दस्तावेजों की जांच और ग्राउंड रिपोर्टिंग के आधार पर उन्होंने आधिकारिक मृतकों की संख्या (Death Toll), मुआवजा प्रक्रिया (Compensation Process) और आपदा प्रबंधन (Disaster Response) से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए. उनकी रिपोर्टिंग ने प्रभावित परिवारों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया और जवाबदेही (Accountability) की बहस को मजबूत किया.

द क्विंट से पहले विकास कुमार दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar), एशियानेट न्यूज (Asianet News), इंडिया न्यूज (India News) और राजस्थान पत्रिका (Rajasthan Patrika) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.  

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